‘वाइब’ कॉमेडी और जासूसी थ्रिलर का ऐसा दिलचस्प मिश्रण पेश करती है, जो अपनी अनोखी कहानी और हल्के-फुल्के अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करने में सफल रहती है। कुणाल खेमू ने फिल्म के लेखन, निर्देशन और अभिनय—तीनों जिम्मेदारियों को बखूबी संभाला है।

फिल्म में कॉमेडी के अलग-अलग रंग देखने को मिलते हैं और यही इसकी खासियत बनकर सामने आती है। कहानी कई मजेदार और अप्रत्याशित मोड़ों से गुजरती है, लेकिन पटकथा अपनी मूल दिशा से भटकती नहीं है। हास्य, रोमांच और जासूसी के बीच संतुलन बनाए रखना फिल्म की बड़ी खूबी है, जो ‘वाइब’ को एक मनोरंजक और यादगार अनुभव बनाता है।

अगर इसे पॉजिटिव और फिल्म-रिव्यू वाली भाषा में रखना है, तो ऐसे लिख सकते हैं:

‘वाइब’ में एक्शन और कॉमेडी का शानदार मेल देखने को मिलता है। कहानी के कुछ हिस्से भले ही थोड़े उतार-चढ़ाव वाले हैं, लेकिन वे फिल्म की रफ्तार और मनोरंजन को ज्यादा प्रभावित नहीं करते। फिल्म हास्य, रोमांस और एक्शन के बीच सहजता से आगे बढ़ती है और दर्शकों को लगातार जोड़े रखने की कोशिश करती है।

कुणाल खेमू की पहली निर्देशित फिल्म ‘मडगांव एक्सप्रेस’ में जिस बेफिक्र और मजेदार पागलपन की झलक देखने को मिली थी, उसकी खूबसूरत छाप ‘वाइब’ में भी नजर आती है। इस बार वह ऊर्जा छोटे-छोटे लेकिन यादगार पलों के रूप में सामने आती है, जो फिल्म के मनोरंजक अंदाज को और खास बनाते हैं।


कहानी हार्दिक (कुणाल) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो हाल ही में रिहैब से वापस आया है और अपनी जिंदगी को एक नई दिशा देने की कोशिश कर रहा है। उसका दोस्त बग्स उसे अपनी टेक कंपनी से जुड़ने और जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने के लिए प्रेरित करता है।

इसी बीच हार्दिक की नजर कंपनी की इंटर्न करीना (वंशिका धीर) पर पड़ती है और वह उसके प्यार में पड़ जाता है। बग्स की सलाह के बावजूद हार्दिक करीना को डेट पर चलने के लिए पूछ लेता है, जिसके बाद कहानी में मजेदार और अप्रत्याशित घटनाओं का सिलसिला शुरू होता है।

कहानी में मैडम एच (प्रीति ज़िंटा गुडइनफ) भी एक अहम किरदार के रूप में सामने आती हैं। वह एक सरकारी एजेंसी के लिए काम करती हैं और एक खतरनाक गैंगस्टर को पकड़ने के मिशन पर हैं। देखते ही देखते हार्दिक और बग्स भी इस मिशन का हिस्सा बन जाते हैं। इसके बाद उनकी जिंदगी में रोमांस, कॉमेडी, एक्शन और रोमांच का ऐसा मेल देखने को मिलता है, जो कहानी को लगातार दिलचस्प बनाए रखता है।

कलाकारों का शानदार अभिनय

फिल्म को शुरू से अंत तक मजबूती से संभालने का काम कुणाल खेमू अपने अभिनय से बखूबी करते हैं। उनका अभिनय बेहद सहज, स्वाभाविक और मनोरंजक है। कुणाल की कॉमिक टाइमिंग शानदार है और वह अपने किरदार में ऐसी ऊर्जा भर देते हैं कि कहानी की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने पर भी दर्शकों की दिलचस्पी बनी रहती है। बतौर कलाकार और निर्देशक, कुणाल फिल्म की सबसे बड़ी ताकतों में से एक हैं।

प्रीति जिंटा भी अपने अनुभव और स्क्रीन प्रेजेंस से कहानी को खास रंग देती हैं। उनका अभिनय आत्मविश्वास से भरपूर है और उनकी मौजूदगी पर्दे पर तुरंत ध्यान खींचती है। वह अपने किरदार को प्रभावशाली अंदाज में निभाती हैं और कुणाल के साथ उनकी केमिस्ट्री फिल्म के मनोरंजक पहलू को और मजबूत करती है।

वांशिका धीर करीना के किरदार में खूबसूरत नजर आती हैं और अपने अभिनय से अच्छी शुरुआत करती हैं। वहीं स्पर्श श्रीवास्तव बग्स के किरदार में पूरी तरह रंगे हुए दिखाई देते हैं। उनकी कॉमिक टाइमिंग और सहज अंदाज कुणाल खेमू की अनोखी कॉमेडी शैली का शानदार साथ देते हैं। दोनों की जोड़ी कई मौकों पर फिल्म में मजेदार ऊर्जा पैदा करती है।

यशपाल शर्मा और निरहुआ भी मैडम एच की टीम के दो अधिकारियों के रूप में अपनी भूमिका के साथ न्याय करते हैं और कहानी में अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं।

बिल्कुल—क्लोजिंग को थोड़ा दमदार और सकारात्मक रखते हुए, 3.5 स्टार के साथ ऐसा लिखा जा सकता है:

निष्कर्ष

कुल मिलाकर ‘वाइब’ एक ऐसी मनोरंजक फिल्म है, जो अपनी कॉमेडी, एक्शन, रोमांस और दिलचस्प किरदारों के सहारे दर्शकों को बांधे रखने में कामयाब रहती है। कुणाल खेमू का सहज हास्य, स्पर्श श्रीवास्तव की शानदार कॉमिक टाइमिंग और प्रीति जिंटा की प्रभावशाली मौजूदगी फिल्म को खास बनाती है। कहानी में कुछ जगह उतार-चढ़ाव जरूर हैं, लेकिन फिल्म का मजेदार अंदाज और कलाकारों की दमदार परफॉर्मेंस इसकी खूबियों को उभारते हैं।

अगर आप हल्की-फुल्की कॉमेडी, एक्शन और मनोरंजन का ऐसा मिश्रण देखना चाहते हैं जिसमें पागलपन के साथ दिल भी हो, तो ‘वाइब’ एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

Bollywood Hi की ओर से ‘वाइब’ को ⭐⭐⭐½ (3.5)

Review by Farid Shaikh